8 thoughts on “Comment”

  1. Regar dalit kyu hai fir ..
    Hamare paas zamine kyu nahi hai bikul bhi..
    Koi bhi regar pehele se Amir nahi hai .. sabhi baki Kshatriya ke paas dhero zamine hai.. Lekin ham regar ke paas nahi h

  2. जय माता जी,
    मेरा आपसे एक प्रश्न है, की आपने अपने इस पेज पर रैगरों को सूर्यवंशी कहा है, और आज सूर्यवंशी सिर्फ क्षत्रिय राजपूत है। मैने पढ़ा अच्छे से और आपने इतिहास का वर्णन बहुत ही अच्छे से किया है।
    और एक विनती, अगर आपके पास यह पुस्तक, रैगर वर्ण प्रकाश गोत्र शिक्षा जो श्री जीवारामजी महाराज ने लिखी है , उसका अगर पीडीएफ वर्जन हो तो मुझे अवश्य उपलब्ध कराए।

    1. जय माता जी ,
      देरी के लिए क्षमा ,
      मूल शब्द क्षत्रिय है । आगे चलकर प्राचीन क्षत्रियों का क्या-क्या हुआ ? इसका भी एक इतिहास है । जैसे, कायमखानी अपने को सूर्यवंशी बतलाते हैं , जबकि वे वर्तमान में सूर्यवंशी राजपूत नहीं हैं , परंतु उनके पूर्वज सूर्यवंशी क्षत्रिय राजपूत थे ।
      यही बात रैग र जाति के लिए है । रैगर रघुवंशी क्षत्रियों की एक प्राचीन शाखा है । उसके गोत्र निश्चित और प्राचीन क्षत्रियसूचक शब्दों से है।
      रैगर सूची कुछ दिनों पहले ही पोस्ट की है ।
      शाहपुरा के राजा उम्मेद्सिंह जी की अध्यक्षता में नवम्बर 1948 में पुष्कर में क्षात्र धर्म सम्मेलन आयोजित हुआ था , जिसमें लगभग 50 जातियाँ शामिल हुई थी, जिनको क्षत्रिय जातियाँ माना गया था । तभी से क्षत्रिय सूचक वर्मा शब्द का चलन हुआ था , परंतु आगे चलकर इसे SC का पर्याय बना दिया गया ।
      रैगर जाति को तो 1942 में ही क्षत्रिय मान लिया गया था ।
      यह अलग बात है कि स्वार्थी रैगर नहीं समझे ।
      रैगरों को 1936 की SC List में भी शामिल नहीं किया गया था । जिसका कारण है , जो इसी website से भी स्पष्ट होता है ।

      आप द्वारा चाही गई सूचना से संबन्धित कुछ पन्ने हैं , कृपया बताएं , किस पते पर प्रेषित किये जाये।
      सादर धन्यवाद ।

      1. जी आप मुझे इसी ईमेल पर भेज दीजिए। मै इस विषय पर शोध कर रहा हूं तो आपसे मैंने उस पुस्तक के लिए अनुरोध किया।
        और जो अपील पत्र, जिसमें राजपूताना प्रांतीय हिन्दू महासभा द्वारा रैगरों को सूर्यवंशी क्षत्रिय कहा गया था, उसका भी अगर आपके पास उसका सबसे पुराना संस्करण हो तो उसे भी साझा कीजिएगा।

  3. आप से अनुरोध है की regar samaj में कुछ भी सही तरीके से नहीं है अपने समाज के लोग के अंदर एकता के नाम पर गलत धारणा है एकता के नाम पर लोगों को घूमराह करते सबसे बड़ी समस्या तो regar smaj में शिक्षित लोगों की कमी है – जिसे की हमेशा अन्य समाज के बेवकूफ बनाते आये है ।।। शिक्षा की कमी से regar smaj पिछड़ चुका है।। शिक्षा की कमी से समाज में बेरो़गारी है … इसलिए –“पढ़ो लिखो और शिक्षित बनो”

  4. Hats off to you boss.
    I never thought we also have our history.
    Apppreciate.
    Definitely share these link to all my circle.
    Thanks buddy

    1. Thanks bro for compliments and appreciation,
      And yes, Please do share links of our website.
      And Visit to our other articles too.
      Thanks

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