रैगरों में अधोगामी सोच क्यों? भाग -1

श्री रूपचन्द जी जलूथरियाजी ने बिना किसी ऐतिहासिक शोध के ही, हर उस रैगर के लताड़ लगाई, जिसने रैगरों को सूर्यवंशी, सगरवंशी या रघुवंशी कहा था। श्री जलूथरियाजी की सोच कैसी भी थी, उन जैसे विद्वान को अधोगामी सोच से इस लेख को पूरा पढ़ने के लिए यहाँ टच/क्लिक करे…….